Public Gambling Act 1867 भारत का प्राथमिक जुआ कानून है। लेकिन इसे 19वीं सदी में, इंटरनेट के आविष्कार से बहुत पहले बनाया गया था। यही कारण है कि ऑनलाइन बेटिंग के संबंध में भारत में कानूनी ग्रे जोन मौजूद है। आइए समझते हैं कि यह कानून वास्तव में क्या कहता है, और 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के लिए इसका क्या अर्थ है।
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पृष्ठभूमि और संदर्भ
Public Gambling Act 1867 ब्रिटिश शासन के दौरान बनाया गया था। इसका उद्देश्य भौतिक जुए के घरों (ऐसे स्थान जहाँ लोग पैसे के लिए खेलते थे) को नियंत्रित करना था। यह कानून जुए के घर का संचालन करने और उसमें जाने दोनों को अपराध बनाता है।
भारत की स्वतंत्रता के बाद, जुआ एक राज्य विषय बन गया (संविधान की सातवीं अनुसूची, सूची II, प्रविष्टि 34)। इसका मतलब है कि प्रत्येक राज्य अपने जुआ कानून बना सकता है। कई राज्यों ने PGA को अपनाया या संशोधित किया।
मुख्य प्रावधान
PGA 1867 के मुख्य तत्व:
जुए के घरों पर प्रतिबंध: किसी सार्वजनिक या सुलभ स्थान पर पैसे के लिए किसी भी खेल (खेल या अन्य) पर दाँव लगाने की अनुमति देना अपराध है।
"खेल का खेल" की कानूनी परिभाषा: कौशल-आधारित खेलों को PGA के अंतर्गत जुए से अलग माना जाता है। Supreme Court ने Fantasy Sports को कौशल-आधारित माना है।
राज्य संशोधन: गोवा, मेघालय, सिक्किम जैसे राज्यों ने अपने संशोधित अधिनियम पारित किए हैं जो विशेष रूप से कुछ प्रकार के जुए (कैसीनो, ऑनलाइन) की अनुमति देते हैं।
ऑनलाइन बेटिंग पर प्रभाव
PGA का ऑनलाइन बेटिंग के लिए आवेदन अनिश्चित है। यह कानून 1867 का है — इंटरनेट की अवधारणा तक उसके निर्माताओं को नहीं पता थी। Information Technology Act 2000 (IT Act) कुछ मामलों में लागू हो सकता है, लेकिन इसका ऑनलाइन जुए पर आवेदन भी विवादित है।
व्यवहार में, 2026 में:
- विदेशी बुकमेकर भारत में बिना ब्लॉक हुए काम करते हैं
- खिलाड़ियों पर कोई प्रवर्तन कार्रवाई नहीं होती
- भुगतान गेटवे प्रतिबंध (MCC-7995) सबसे बड़ी व्यावहारिक बाधा है
- MEITY (Ministry of Electronics and IT) भविष्य के विनियमन पर विचार कर रही है
राज्य कानून और अपवाद
कुछ महत्वपूर्ण राज्य-स्तरीय ढाँचे:
सिक्किम: Sikkim Online Gaming (Regulation) Act 2008 ऑनलाइन स्पोर्ट्स गेमिंग के लिए लाइसेंस देता है। सिक्किम सबसे उदार राज्य है।
गोवा: Goa, Daman and Diu Public Gambling Act 1976 (संशोधित) कैसीनो (तटीय जहाजों सहित) की अनुमति देता है।
मेघालय: Meghalaya Regulation of Gaming Act 2021 कुछ ऑनलाइन गेमिंग की अनुमति देता है।
DPDP Act 2023: Digital Personal Data Protection Act 2023 एक राष्ट्रीय डेटा सुरक्षा कानून है जो विदेशी साइटों पर भी लागू होता है जो भारतीय उपयोगकर्ताओं की सेवा करते हैं।
संबंधित पृष्ठ
- क्या यह भारत में कानूनी है? — पूरा कानूनी अवलोकन
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Public Gambling Act 1867 क्या है?
Public Gambling Act 1867 (PGA) एक औपनिवेशिक युग का भारतीय कानून है जो भौतिक जुए के घरों (gambling houses) के संचालन और उनमें जाने पर प्रतिबंध लगाता है। यह ऑनलाइन जुए को स्पष्ट रूप से कवर नहीं करता। जुआ एक राज्य विषय है इसलिए अधिकांश राज्यों ने इस अधिनियम को अपनाया है या अपने स्वयं के संस्करण बनाए हैं।
क्या PGA 1867 भारत में विदेशी बेटिंग साइटों पर प्रतिबंध लगाता है?
नहीं। PGA ऑपरेटरों को नियंत्रित करता है — खिलाड़ियों को नहीं। यह भौतिक जुए के घरों पर लागू होता है और ऑनलाइन बेटिंग को स्पष्ट रूप से संबोधित नहीं करता। विदेशी लाइसेंस प्राप्त साइटों का उपयोग खिलाड़ियों के लिए PGA के तहत अपराध नहीं है।
Fantasy Sports भारत में कानूनी क्यों हैं लेकिन स्पोर्ट्स बेटिंग नहीं?
Supreme Court और कई High Courts ने माना है कि Fantasy Sports (जैसे Dream11) कौशल-आधारित खेल हैं, संयोग-आधारित जुआ नहीं। इसलिए PGA उन पर लागू नहीं होता। पारंपरिक स्पोर्ट्स बेटिंग (ऑड्स-आधारित) को भारतीय कानून में जुए के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
DPDP Act 2023 बेटर्स पर कैसे लागू होता है?
Digital Personal Data Protection Act 2023 उन ऑपरेटरों पर लागू होता है जो भारतीय उपयोगकर्ताओं का डेटा संसाधित करते हैं। विदेशी बुकमेकर जो भारतीय खिलाड़ियों की सेवा करते हैं, उन्हें इस अधिनियम के तहत डेटा सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा — हालांकि प्रवर्तन अभी विकसित हो रहा है।